जब भगवान श्री कृष्ण बंसी बजाते है और सभी गोपियां उनकी बंसी की मधुर वाणी को सुनकर आनन्दमय हो रही थी तभी हमारी किशोरी श्री राधा रानी जी वहाँ आ जाती है उनको देखते ही हमारे कन्हइया की बंसी स्वर निकलने बंद हो जाते है कन्हइया बार बार बांसुरी से स्वर निकलने के लिए बांसुरी में फूंक मरते है लेकिन बांसुरी से स्वर नही निकलते तब सभी गोपिया हंसते हुए कन्हइया को कहती है अरे कन्हइया क्या हुआ तुम्हारी बांसुरी क्यो नही बज रही तब हमारी श्यामा जु श्री राधा रानी अपनी सभी सखियों से कहती है तनिक रुको और कन्हइया के पास जाकर जैसे ही कान्हा को स्पर्श करती है तो एक दम से बांसुरी से मधुर वाणी निकलने लगती है तब श्री कृष्ण कन्हइया जी समझ जाते है कि मेरा सामर्थ्य नही बांसुरी से मधुर स्वर निकालने में ये तो श्री राधा रानी की कृपा से निकलते है- Shri Krishna
